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ये है हिंदुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान

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  || वंदन गीत || आप सभी को 75 वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं क़िस्मत वालों को मिलता है ऐसा देश महान। ये है हिंदुस्तान हमारा प्यारा हिंदुस्तान। धर्म अलग हैं, वेश अलग हैं, अलग-अलग हैं बोली फिर भी इक दूजे के बनकर रहते सब हमजोली जैसे अलग-अलग फूलों से बन जाती है माला जैसे रंग कई मिल कर रच देते हैं रंगोली ऐसे प्यारे मंज़र पर लाखों मंज़र क़ुर्बान। ये है हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिंदुस्तान। अलबेले त्यौहार हैं इसके, संस्कृतियाँ हैं अनगिन जगमग दीवाली-सी रातें, होली से रंगीं दिन पर्वत, नदियाँ, सागर, फ़सलें, मौसम हैं धन-दौलत शून्य लगे अस्तित्व हमारा इक पल भी इसके बिन जन्म यहाँ लेकर मिल जाए जीवन को सम्मान। ये है हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिंदुस्तान। सत्य, अहिंसा, प्रेम, दया के गीतों का ये स्वर है दुश्मन के क्षय को लेकिन रहता हरदम तत्पर है दंश कई झेले हैं इसने घाव कई हैं झेले शक्ति और दृढ़ता के बल पर भारत अजर-अमर है आदि काल से विश्व गुरु की है इसकी पहचान। ये है हिंदुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान। #India #Independencedayindia

चलते फिरते

दो दिन पहले जी आई पी मॉल के सामने मैं आइस क्रीम से पार्ट टाइम ठंडी एन्जॉय कर रही थी कि वहां मौजूद ज़ी न्यूज़ की संवाददाता ने राय जानने के लिए मेरे आगे माइक कर दिया'३० सेकंड्स में आप हमें बता सकती हैं कि क्या आम महिलाओं के लिए राजनीति में आना मुश्किल है ?अगर वो आती भी हैं तो उनके फ़ैसले उनके नहीं होते,क्या उनकी वजाय उनके पति या उनके राजनीतिक अभिभावक उनके थ्रू रूल करते हैं ?  मैंने उनसे कहा- मैडम ये भी कोई पूछने की बात है , हम स्त्रियों के साथ तो मुश्किलें गर्भ से ही दोस्ती निभाती आ रही हैं बात कीजिये दूसरी वो ये कि 'हमारे यहाँ कौन सी गवर्नमेंट ऐसी है जिसका ख़ुद का रूल चलता हो!कोई भी फ़ैसला लिखा एक पेन से जाता है लेकिन स्याही देने वाले इस शर्त के साथ स्याही सप्लाई करते हैं कि"हमारा भी ध्यान रखना"! इस पर वो संवाददाता बोली कि आप बस वो ही बोलिए जो हम चाहते हैं ! मैंने कहा ..चलिए बोलते हैं कीजिये कैमरा ऑन !