ग़ज़ल
मेरी लिखी हुई गिनी चुनी ग़ज़लों में से एक ग़ज़ल हाल में ही आम आदमी के सरोकारों को अपनी कलम से आवाज देने वाले शायर 'अदम गोंडवी ' के निधन के पश्चात फिर से वही सरकारी मदद और पुरस्कारों की घोषणाओं का नाटकीय शोर सुनाई देने लगा .......... ठीक ऐसे ही कालजयी उपन्यास ' राग दरवारी' के रचनाकार श्री लाल शुक्ल को एक प्रतिष्ठित पुरस्कार तब दिया गया जब उनके लिए पुरस्कार के कोई मायने ही नहीं थे ............. ऐसे ही ना जाने कितने सम्मानित विभूतियों को ऐसी स्तिथि में सम्मान की औपचरिकता के निर्वहन का एक हिस्सा तब बनाया जाता है जब उनकी उम्र अपना पड़ाव तय कर चुकी होती है ........... आखिर जीवन के अंतिम पलों में या मृत्यु उपरांत दिए जाने वाले पुरस्कारों का क्या औचित्य है ?ये प्रश्न हम आम जन के दिमाग में ना जाने कितनी बार कौंधता है जब न्यूज पेपर ,समाचार हमें बताते हैं कि अमुक सम्मान अमुक को ....... माना कि कलाकार या साहित्यकार के सृजन को पुरस्कारों की दरकार नहीं होती फिर भी कला का सम्मान करना यानि अपनी संस्कृति का सम्मान करना है फिर वो सम्मा...

बहुत खूबसूरत प्रस्तुति,,,
जवाब देंहटाएंदीपावली की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,,,,
RECENT POST:....आई दिवाली,,,100 वीं पोस्ट,
म्यूजिकल ग्रीटिंग देखने के लिए कलिक करें,
आपको भी दीपावली की शुभकामनायें
जवाब देंहटाएंसुन्दर प्रस्तुति!
जवाब देंहटाएं--
दीवाली का पर्व है, सबको बाँटों प्यार।
आतिशबाजी का नहीं, ये पावन त्यौहार।।
लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।
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आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
देर से सही हार्दिक शुभ कामनाएं
जवाब देंहटाएंमेरी नई रचना "हम बच्चे भारत के ' htth://kpk-vichar.blogspot.in
क्या बात
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
आज तक सम्पन्न होने वाले दीवाली पर्वों की आपको सपरिवार हार्दिक मंगलकामनाए।
जवाब देंहटाएंhttp://krantiswar.blogspot.in/2012/11/2-2010-6-x-4-t-d-s-healthy-mind-in.html
बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत अद्भुत अहसास.सुन्दर प्रस्तुति.
जवाब देंहटाएंदीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !
मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..